Teachers

Dr. Shamsheer ALi
Qualification :Ph.D
Designation :Guest Faculty
Specialization of Subjects :
Email :bhushamsheerali@gmail.com

Department Information

  • B.A.
Course Structure & Curriculum as Per NEP UGC Guideline
डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज के उर्दु वभाग के बैनर तले शनिवार 16 नवम्बर 2024 को एक मुशायरे का आयोजन किया गया। यह मुशायरा कॉलेज के स्वर्गीय पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित हुआ। इस भव्य मुशायरे में बनारस व प्रदेश के विभिन्न जनपदोंसे आये शायरों ने उर्दू ज़बान-व-अदब की अहमियत-व-इफ़ादियत की रौशनी में क़ौमी-यकजहती, वतन-परस्ती, आपसी इत्तेहाद-व-इत्तेफ़ाक़, तालीम और राष्ट्रीय एकता जैसे मौज़ूआत पर अशआर पेश किए। इन नामवर शायरों ने अपनी बेहतरीन शायरी से सामयीन (श्रोताओं) का दिल जीत लिया। इस मुशायरे में ग़ाज़ीपुर से तशरीफ़ लाये शायर समर ग़ाज़ीपुरी ने सबसे पहले क़ौमी एकता के हवाले से शेर “जहाँ हिन्दू-मुसलमां सिख ईसाई रहते है मिलकर, जहाँ वालों उसी धरती को हिन्दुस्तान कहते है”, सुनाया तो समूचा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सुहैल उस्मानी ने रूमानी अंदाज़ में शेर “अब मुझे तुम बुरा नहीं कहते, आईना देखने लगे हो क्या” सुनाया। मिर्जापुर से आये डॉक्टर शाद मशरिक़ी ने ज़िंदगी की तल्ख़ हक़ीक़तों को पेश करते हुए “वही करता है खुशहाली की इज़्ज़त, मज़ा चखा है जिसने मुफ़लिसी का” सुनाया। शमीम ग़ाज़ीपुरी ने “ज़रूर हाथ किसी का तो इसमें होता है, चिराग़ खुद से कभी भी बुझा नहीं करते” जैसे शेर सुनाये। डाक्टर नसीमा निशा ने नारी-शिक्षा और सम्मान केविषय पर “बेटियां हैं तो घर निराला है, घर में इनसे ही तो उजाला है” सुनाया। प्रोफेसर इशरत जहां ने क़ौमी इत्तेहाद के मौज़ू पर “हम एक थे अपना यह भारत महान था, कश्मीर, पाक, बर्मा भी हिंदुस्तान था”, “आपस में एकता थी बड़ा इत्मीनान था, जन्नत-नुमा हमारा तुम्हारा मकान था” जैसे शेर सुना कर महफ़िल जमाई। अहमद आज़मी ने “हमारी फ़िक्र पर पहरा लगा नहीं सकते, हम इंकलाब हैं, हमको दबा नहीं सकते” सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। बादशाह राही ने “हक बयानी पर जब आ गया, मुझको दुनिया सताने लगी” सुनाया। डॉक्टर कमालुद्दीन शैख़ उर्फ़ कमाल जौनपुरी के अशआर के साथ मुशायरे का समापन हुआ। उन्होंने “अहले गुलशन के ज़ख़्मी बदन हो गये, अच्छे मौसम भी अब बदचलन हो गये” जैसे उम्दा शेर सुनाये। इस मुशायरे की अध्यक्षता बसन्ता कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष उर्दू विभाग, प्रोफेसर नफीस बानो ने किया। इसके पूर्व महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने शुभकामनाएं दी, कार्यकारी प्राचार्य प्रोफेसर राहुल ने शायरों का स्वागत किया। मुशायरे के संयोजक डाक्टर हबीबुल्लाह, विभागाध्यक्ष उर्दू विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से प्रोफेसर सतीश कुमार सिंह, प्रोफेसर इंद्रजीत मिश्रा, प्रोफेसर मधु सिसोदिया, प्रोफेसर प्रशांत कश्यप, डाक्टर संजय सिंह, प्रोफेसर संजय शाह, डाक्टर नजमुलहसन आदि सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल रहे।
उर्दू विभाग डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज, दिनांक 09.07.2022 दोपहर 02:00 बजे NATIONAL WORKSHOP ON RESEARCH METHODOLOGY IN ARTS AND HUMANITIES के अंतर्गत एक ऑनलाइन विशिष्ट व्याख्यान “उर्दू में तहक़ीक़ केउसूल-ओ-ज़वाबित” का आयोजन किया गया। इस विशिष्ट व्याख्यान की विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर शबनम हमीद ने उर्दू में तहक़ीक़ के अहम नुक़्तों की निशानदेही की। इस समबन्ध में उर्दू मशहूर रिसर्चर्स का हवाला भी दिया। इस प्रोग्राम में डॉक्टर मिश्री लाल, डॉक्टर प्रशांत कश्यप, डॉक्टर राकेश कुमार राम, डॉक्टर संजय सिंह, डॉक्टर मुकेश सिंह, डॉक्टर मीनू लाकड़ा, डॉक्टर तमन्ना शाहीन, डॉक्टर पूनम सिंह, डॉक्टर सतीश सिंह इत्यादि सम्मिलित रहें, प्रोग्राम में निज़ामत की ज़िम्मेदारी और मेहमान का इस्तक़बाल डॉक्टर तमन्ना शाहीन ने की, धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर पूनम सिंह ने दिया। इस प्रोग्राम में दूसरे अध्यापकों के साथ बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं मौजूद रहीं।
‘सब धर्मों ने राह दिखाई सच की जोत जलाई है, हम संस्कारित होते रहते मंत्रो और अजानों से’ शायर डॉ. नसीमा निशा ने जैसे ही यह शेर पढ़ा समूचा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। अवसर था आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में डीएवी पीजी कॉलेज के उर्दू विभाग के तत्वावधान में सोमवार को आयोजित ‘जश्ने आजादी : मुशायरे’ का। मुशायरे में शहर के कई नामचीन शायरों और कवियों ने शिरकत कर कविताओं, नज्मो और शेरो शायरी के जरिये कौमी एकता का संदेश दिया। प्रख्यात शायर आलम बनारसी ने ‘आन बाकी है, शान बाकी है, तू जो है हिंदुस्तान बाकी है’ सुनाया तो शायर अहमद आजमी ने ‘मंदिर मस्जिद न तो गिरिजा शिवाला चाहिए, भूखा जो इंसान है उसको निवाला चाहिए’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। विख्यात कवियत्री डॉ. मंजरी पाण्डेय ने ‘कुछ इस अंदाज से इस देश की जीनत बढ़ाते है, दिए मिल्लत की हम तो मंजरी हर पल जलाते है, मिसालें मिल नही सकती हमारे भाईचारे की, की हम होली, दीवाली, ईद मिल जुल कर मानते है’ सुनाया तो विभा शुक्ला ने ‘ बहुत घुटन है दिलो जिगर में सुलग रही है सभी सदाये, चलो यहाँ से चले वहाँ, यहाँ बहुत है गर्म हवाएं’ सुनाया। शायर हशम तुराबी ने ‘तेरे गम बाटकर मुझको बड़ी तस्कीन मिलती थी, मेरा दिल कह रहा फिर तेरे आँसू चुराने को’ सुनाया तो नफीस बानो ने ‘ मैंने किस्मत कहा तीरा सखी को अपनी, झिलमिलाते हुए सम्त से जुगनू आये सुनाया। इसके अलावा प्रोफेसर अनूप कुमार मिश्रा, डॉ. राकेश कुमार द्विवेदी, सुहैल उस्मानी, जमजम रामनगरी, विकास कुमार आदि ने भी कविता एवं शायरी सुनाई। अध्यक्षता विदुषी डॉ. अनुराधा बनर्जी ने किया। स्वागत एवं संयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. हबीबुल्लाह ने किया। संचालन अब्दुला एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तमन्ना शाहीन ने दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रोफेसर मधु सिसोदिया, डॉ. मिश्रीलाल, डॉ. संगीता जैन, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. मीनू लाकड़ा आदि शामिल रहें।
डीएवी पीजी कॉलेज के उर्दू विभाग एवं आई कयू ए सी  के तत्वाधान मे अंतर्राष्ट्रीय उर्दू दिवस के अवसर पर ऑनलाइन ” शाम ए अफसाना” का आयोजन किया गया,जिसमे के एम सी कॉलेज खोपोली(मुम्बईshaam e afsana_urdu_1यूनिवर्सिटी)की हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ सादिका नवाब सहर ने अपनी कहानी मन्नत प्रस्तुत की,बनारस के वरिष्ठ  कहानीकार वसीम हैदर हाश्मी ने “घर वापसी” और डॉ तमन्ना शाहीन ने “मंगरू का भाई” कहानी प्रस्तुत कर समाज पर गहरा वार किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता डी एshaam e afsana_urdu_2वी पी जी कॉलेज के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ मिश्रीलाल ने की।संचालन डॉ तमन्ना शाहीन एवं धन्यवाद ज्ञापन उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ हबीबुल्लाह ने किया।इस अवसर पर डॉ कमालुद्दीन शेख, डॉ अनूप मिश्रा,डॉ सतीश सिंह,डॉ तरु सिंह,डॉ नजमुल हसन,डॉ अस्मिता तिवारी के अतिरिक्त विभिन्न विभागाद्यक्ष,प्राध्यापक एवं छात्र छात्राओं ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया।
डीएवी पीजी कॉलेज के उर्दू एवं हिंदी विभाग के तत्वाधान में आजअंतर्राष्ट्रीय उर्दू दिवस के अवसर पर डॉ राकेश द्विवेदी ने कहा कि उर्दू हिंदी सगी बहने हैं,जिस तरह हम हिंदी दिवस मनाते हैं उसी तरह उर्दूAlami_Yaume_Urdu_1 दिवस भी पूरे जोश के साथ मानते हैं, उन्होंने अपनी कविताएं भी सुनाई।डॉ हबीबुल्लाह ने कहा कि उर्दू दुनिया भर में बोली जाने वाली ज़ुबान है,डॉ समीर पाठक ने अल्लामा इक़बाल को याद करते हुए उनकी नज़्म सुनाई,इस अवसर पर डॉ तमन्ना शाहीन एवं डॉ नीलम सिंह ने अपनी नज़्में प्रस्तुत की।कार्यक्रम काAlami_Yaume_Urdu_2 संचालन डॉ तमन्ना शाहीन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अस्मिता तिवारी ने किया।
डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज उर्दू विभाग के विद्यार्थी फ़ोरम “आइना-ए-अदब” के ज़ेर-ए-एहतेमाम दिनांक 21.12.2022 को अपराह्न 01:00 बजे एक “उर्दू प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता की रूप रेखा 19.12.2022 को विभाग्याध्यक्ष डॉक्टर हबीबुल्लाह और अतिथि प्रवक्ता डॉक्टर नाहीद फ़ातिमा ने सम्मिलित रूप से तैयार किया। प्रतियोगिता के उपरान्त छात्रों को मोमेंटो और प्रमाणपत्र देकर उनकी हौसला अफ़ज़ाई की गई। इस प्रतियोगिता में निम्नलिखित छात्रों ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।
  1. असरार अंसारी (प्रथम)A. IIIrd Semester
  2. तौहीद आलम (द्वितीय) A. VIth Semester
  3. मुहम्मद ज़की (तृतीय) B.A. Irst Semester