हिन्दी दिवस के अवसर पर डीएवी पीजी कॉलेज ने महादेवी वर्मा के सपनों को साकार करने के लिए और उस सपने से अपनों को जोड़ने के लिए साहित्यकार संसद के स्थापना का संकल्प लिया। समाज की जागृति और सांस्कृतिक विकास के लिए संकल्पित यह साहित्यकार संसद साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेने और आज के दौर में अपनी परम्परा को विकसित करने के संकल्प से संचालित होगा।
उक्त आशय की घोषणा मंगलवार को डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर डॉ. सत्यदेव सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि महादेवी वर्मा की स्मृति और विरासत से जोड़ते हुए इस साहित्यकार संसद की स्थापना का संकल्प करते हैं। साहित्यकार संसद का उद्देश्य हिन्दी साहित्य को व्यापक सरोकार से जोड़ना है और हिन्दी के ज्ञान अन्तरिक्ष का विस्तार करना है। साहित्यकार संसद बनारस और उसके आसपास के प्रबुद्धजनों के सहयोग से अखिल भारतीय सांस्कृतिक मनीषियों का साझा मंच होगा और हिन्दी संवर्द्धन के लिए समर्पित होगा।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि साहित्यकार संसद का उद्देश्य नव प्रतिभाओं का प्रोत्साहन करना, हिन्दी के विकास में कार्य करना तथा दूसरे ज्ञानानुशासनों को हिन्दी में उपलब्ध कराना है। साहित्यकार संसद की विधिवत प्रस्तावित कार्यकारिणी और सदस्यों की घोषणा बाद में होगी। उन्होंने इस योजना में बनारस के साहित्यकारों, बौद्धिकजनों से सहयोग की अपील भी की।