डॉ. सत्यदेव सिंह के निर्देशन में डीएवी पीजी कॉलेज द्वारा शुरू हुआ आर्थिक विश्लेषण

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रहा काशी विश्वनाथ कारिडोर के निर्माण के बाद से काशी में आये आर्थिक बदलाव का अध्ययन (सर्वे) शुक्रवार से शुरू हुआ। डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभागvishwanath corridor 2 द्वारा शुरू किये गये ‘एनालाइजिंग इकोनॉमिक इम्पैक्ट ऑफ रीजुविनेशन ऑफ काशी विश्वनाथ कारिडोर‘ विषय पर शोध कार्य का नेतृत्व स्वयं प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह कर रहे है। प्रथम चरण में पहले दिन के सर्वे में वाराणसी के नाव संचालकों से शोधकर्ताओं की टीम ने उनके आर्थिक हालात पर प्रभाव को जाना। टीम ने नाविकों से कारिडोर बनने के पूर्व एवं कारिडोर बनने के बाद की स्थिति दोनों समयावधि के दौरान के प्रश्न पूछे साथ ही वर्तमान में उनकी आय पर क्या प्रभाव पड़ा, इसकी भी वास्तविकता से अवगत हुए।
सर्वे के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि नाविकों के आर्थिक हालात पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे उनके आय में 60 से 70 फीसदी का इजाफा हुआ है। नौका संचालन से जुड़े दो दर्जन से अधिक नाव मालिक, नौका चालक, मजदूर आदि से बातचीत कर उनका मंतव्य समझा गया। हालांकि अभी उनकी कुछ अपेक्षाए भी है, जिसके लिए वे सरकार से सहयोग की उम्मीद लगाये बैठे है। शोध निर्देशक डॉ. सत्यदेव सिंह ने बताया की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस सन्दर्भ में डीएवी कॉलेज से काफी अपेक्षा की है, जिसे हम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से पूर्ण करेंगे। उन्होंने बताया कि सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है, पहले दिन नाविक समाज के आर्थिक हालात का सर्वेक्षण किया गया है, इसके उपरान्त होटल व्यवसायी, टैक्सी, रिक्शा, ऑटो संचालक, लघु एवं मझौले दुकानदार सहित अन्य क्षेत्रों के व्यवसायियों को भी सर्वेक्षण में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नाविकों से जो उत्तर प्राप्त हुआ है वह काफी उत्साहजनक है, इससे सर्वेक्षण करने वाला दल भी काफी उत्साह में है। शोध कार्य में प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह के अतिरिक्त अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. पी.के सेन, डॉ. पारूल जैन, डॉ. सिद्धार्थ सिंह शामिल है। वहीं दो शोधार्थियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।