भारत का युवा करेगा 21 वीं सदी का नेतृत्व – धर्मेन्द्र प्रधान

21 वीं सदी का भारत विश्व का नेतृत्व करेंगा और यह संकल्पना भारत के युवाशक्ति द्वारा ही संभव की जायेगी। उक्त बातें केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार धर्मेन्द्र प्रधान ने गुरूवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। ‘शिक्षा का भविष्य और भविष्य की शिक्षा‘ विषय पर बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि 34 वर्ष बाद देश में नई शिक्षा नीति लाई गयी है जिसके परिणाम काफी सकारात्मक होंगे। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नौजवानों को अवसर देना, महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाना एवं गरीबों का स्वाभिमान बढ़ाना है, जिसमें हम काफी हद तक सफल रहे है। युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजीटल विश्वविद्यालय की परिकल्पना की है, उसके लिए विशिष्ट लैब के लिए डीएवी पीजी कॉलेज से उपर्युक्त कोई जगह नही हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत बहुत जल्द मातृभाषा आधारित शिक्षा व्यवस्था शुरू की जायेगी, इससे भाषायी विविधता पर होने वाली समस्या समाप्त होगी। धर्मेन्द्र प्रधान ने युवाओं का आह्वाहन करते हुए कहा कि हमारी सरकार Dramendra Pradhan at DAV PG College, Varansaiयुवाओं के प्रति समर्पित सरकार है, युवा ही इस देश की दशा और दिशा दोनो बदल सकते है। आगे भी युवा वर्ग सशक्त एवं निर्णायक नेतृत्व के लिए आगे बढ़चढ़ कर मतदान में भाग ले। डीएवी जैसा कॉलेज नही देखा – युवा संवाद मे शामिल होने आये केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान डीएवी पीजी कॉलेज के वातावरण से बेहद प्रभावित नजर आये। जैसे ही उन्होंने वक्तव्य के लिए मंच संभाला, कहा काश मै भी इस कॉलेज में पढ़ पाता। यहॉ के छात्रों का अनुशासन, उमंग से भरा आत्मविश्वास यह बतलाने के लिए काफी है कि यहॉ शिक्षण के सर्वश्रेष्ठ मानकों का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिजीटल विश्वविद्यालय की बात कर रहे है, उसके लिए आवश्यक अत्याधुनिक लैब के लिए डीएवी कॉलेज एक बेहतर मंच हो सकता है, जिस पर विचार करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों का भी जवाब दिया। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने कहा कि अब वह दौर बदल गया जब विद्यार्थी सिर्फ शिक्षा प्राप्त करने के लिए अध्ययन करते थे, अब विद्यार्थी खुद को शिक्षित करने के साथ साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना चाहता है। इसके लिए डिजीटल शिक्षा काफी मददगार हो सकती है। इससे पूर्व युवा संवाद का शुभारंभ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि का स्वागत प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह एवं प्रबन्धक अजीत सिंह यादव ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। संचालन डॉ. समीर कुमार पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दयाशंकर मिश्र ने दिया। इस अवसर पर प्रियंकदेव सिंह, डॉ. प्रदीप कमल, डॉ. विक्रमादित्य राय, डॉ. अनूप कुमार मिश्रा सहित सभी विभागाध्यक्षों ने मुख्यअतिथि का मार्ल्यापण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र – छात्राएॅ एवं शहर के प्रबुद्धजन शामिल हुए।