Welcome to DAV Post Graduate College

DAV Post Graduate College was established by its mother institution, Arya Vidya Sabha, Kashi. The idea behind its establishment was to open an institution in the heart of the city and under the umbrella of Banaras Hindu University, to cater to the need of the value and skill based education to the students. Two disciples of Mahamana Pandit Madan Mohan Malviya Ji, viz. Pt. Ram Narayan Mishra and Shri Gauri Shankar Prasad were instrumental in establishing the college. The college was established in 1938 as an Intermediate college recognized by Banaras Hindu University. It got degree status from the University in 1947 and permanent affiliation in 1954. The college started running undergraduate courses in the faculty of Arts, Social Sciences and Commerce, and in 2008 the University allowed…

Dr. Satya Dev Singh
Principal, DAV PG College

“Every accomplishment starts with the decision to try……” It is my pleasure to welcome you to DAVPG College, an Institution admitted to the privileges of Banaras Hindu University. The evolution of the institute over the past decades has witnessed strong blend of state-of-the-art infrastructure and…

Shri. Ajeet Singh
Manager, DAV PG College

I consider myself fortunate enough to have been entrusted with the responsibility of being an integral part of a higher educational institution where I help nurture the future generation of our country. The commendable scholastic and…

Principal’s Note
Dr. Satya Dev Singh
Principal, DAV PG College

“Every accomplishment starts with the decision to try……” It is my pleasure to welcome you to DAVPG College, an Institution admitted to the privileges of Banaras Hindu University. The evolution of the institute over the past decades has witnessed strong blend of state-of-the-art infrastructure and…

Secretary’s Note
Shri. Ajeet Singh
Manager, DAV PG College

I consider myself fortunate enough to have been entrusted with the responsibility of being an integral part of a higher educational institution where I help nurture the future generation of our country. The commendable scholastic and…

Latest News

Circulars

  • Home Assignment UGDCA 2020-21

    All the students of UGDCA Semesters II, IV & VI are hereby informed that their Assignment are uploaded on College's website. Submit your assignments on or before the date of submission as a PDF file attachment through E-Mail. The following E-Mail address should be used for submission. II Semester - davugdcasem2@gmail.com IV Semester - davugdcasem4@gmail.com VI Semester - davugdcasem6@gmail.com Click here to download assignment.

  • Attention all the students of UGDCA Semester VI, Session 2019-20

    It is to inform you all that the Grade Cards of your UGDCA Semester VI Session 2019-20 are being distributed from College's Computer Centre. All those regular students who's Roll Number starts with 17836DA can come and collect the same. Apart from these students, the student appeared as Back or Ex-Regular can also collect their Grade Cards.

CAREER ORIENTED COURSES/ADD ON COURSES

UnderGraduate Diploma in Computer Applications

As per the recommendations of 11th Plan of U.G.C, we started an Under Graduate Diploma program of B. H. U. (U. G. D. C. A.) in session…

Communicative English

Department of English of DAV PG College has been offering Communicative English as an ad on course to the aspirants of English communication since the session 2010-2011 after being acknowledged and approved by the UGC…

Travel & Tourism Management

DAV PG College offers Certificate, Diploma and Advance Diploma courses on Travel & Tourism Management for the students on the basis of “Learning with Earning”…

Risk and Insurance Management

The College is running Risk and Insurance Management program since 2010-11under the Career Orientation Program of U.G.C. The course offers Certificate, Diploma and Advance Diploma of Banaras…

प्रयोजनमूलक हिंदी पत्रकारिता

उपर्युक्त पाठ्यक्रम ‘प्रयोजनमूलक हिंदी पत्रकारिता’ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग प्रायोजित नियमों के अंतर्गत एक ‘त्रिवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम’ है जिसमे स्नातक स्तर के विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे. संपूर्ण पाठ्यक्रम कुल छ: सत्रों (सेमेस्टर) व तीन वर्षो का होगा. संक्षेप में इसका स्वरुप अधोलिखित है.

Events

There are no upcoming events at this time.

Recent Activities

  • National Webinar on Life and Thoughts of Bal Gangadhar Tilak

    डी.ए.वी.पी.जी. कॉलेज वाराणसी के इतिहास विभाग द्वारा Life and Thoughts of Bal Gangadhar Tilak विषयक एक दिवसीय नेशनल वेबिनार भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के महान सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 100 वीं पुण्यतिथि पर उनके आदर्शो, विचारों, जीवन मूल्यों तथा उनके भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान को ध्यान में रख कर 31 जुलाई 2021 ई. को आयोजित किया गया। वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में लोकमान्य तिलक के प्रपौत्र शैलेष श्रीकांत तिलक ने तिलक के जीवन आदर्शो पर अपनी [...]

  • Alumni Meet 2021

    On 18th July DAV PG College organized Alumni Meet 2021 in online mode. The Alumni Meet turned to be a great success as more than 250 former students of our college participated in it. They were highly enthusiastic about sharing their views and experiences. Almost all of them recounted their happiness about the way college has made progress in last two decades in terms of infrastructure (new building, computer lab, e-library and online teaching facilities etc). They came up [...]

  • Special Lecture on Vidwan Database

    Under the aegis of IQAC of the college the Library committee of the DAV PG College had organized a special virtual lecture on “ Vidwan Database” delivered by Dr. Suchita Singh , Deputy librarian of central library and in- charge of Cyber library of Banaras Hindu University , on 13th July 2021. She discussed about the “Vidwan database” which is expert database and national researchers network of inflibnet . This is the premere database profiles of scientists/ researchers and other [...]

  • UDAAN 2021

    DAV PG College, Varanasi had organized UDAAN 2021 via digital the mode in March 2021.

  • पूर्वांचल विद्युत वितरण विभाग ने डीएवी काॅलेज में किया पौधरोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शनिवार को डीएवी पीजी काॅलेज के खेल मैदान में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड एवं डीएवी पीजी काॅलेज के संयुक्त तत्वावधान में वृहद पौधरोपण अभियान चलाया गया। अभियान के अन्र्तगत काॅलेज परिसर में दो दर्जन से अधिक पौधे रोपे गये। डिवीजन तृतीय, मछोदरी के अधिशासी अभियन्ता ए.के चैधरी के नेतृत्व में विभाग के अन्य अधिकारियों ने पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहर के मध्य डीएवी पीजी काॅलेज ही एक ऐसा परिसर [...]

Student’s Corner

Quick Links

From Our Alumni

प्रोफ़ेसर मैनेजर पाण्डेय

पूर्व अध्यक्ष भारतीय भाषा केन्द्र,भाषा संस्थान,जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय,नई दिल्ली

मेरे लिए गर्व और गौरव का विषय है कि मैं डी.ए.वी डिग्री कॉलेज का छात्र रहा हूँ। मैं उस समय के शिष्य वत्सल  एवं तेजस्वी गुरुजनो में डॉ. शितिकंठ मिश्र , डॉ.अष्टमुजा पाण्डेय , पंडित रामबलि पाण्डेय और श्री अलाव नारायण राय जैसे विलक्षण व्यक्तित्व के धनि आचर्य थे। इन सभी आचर्यों के प्रातिम व्यक्तित्व से उपजी प्रज्ञा चेतना का विकास मेरी जीवन यात्रा में हुआ और निरंतर विकसित हुआ। इस महा विद्यालय से जुड़े सभी लोगो के प्रति मैं कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।

प्रोफेसर मेहन्द्र नाथ राय

पूर्व अध्यक्ष हिंदी विभाग एवं प्रमुख कला संकाय , काशी हिन्दू विश्व विद्यालय

1965 -66 एवं 1966 -67 के दो वर्षों की अवधि तक मैं इस वि.दि .का छात्र था एवं सर्वोच्च अंको के साथ मैंने बी.ए. की कक्षा उत्तरीन की थी।  मैं उस समय के शिष्य वत्सल  एवं तेजस्वी गुरुजनो में डॉ. शितिकंठ मिश्र , डॉ.अष्टमुजा पाण्डेय , पंडित रामबलि पाण्डेय और श्री अलाव नारायण राय जैसे लोग थे। इन आचर्यों के अनुरोध पर कभी हम छात्रों के बीच पंडित हजारीप्रसाद द्विवेदी एवं डॉ. श्री कृष्ण लालजी के अभीभासन हुए थे। इन सभी आचर्यों के पवित्र संसर्ग और इनके पवित्र व्यक्तित्व से अपने प्रज्ञा – चेतना का ही उत्तरवर्ती विकास मेरी अगली जीवन यात्रा में हुआ और उस पर शान और धार छड़ी चढ़ी। हमारे पास पवित्र दायित्व है कि अपने इन गुरुजनो की यश:कीर्ति को अपने किसी आचरण एवं व्यवहार  व्यक्तित्व से हम धूमिल न होने दें। अपने  प्राचर्य कृष्णानन्द जी  के काव्य शास्त्रीय अध्यन  एवं अद्धभुत व्यक्तित्व कि स्मृति आज भी मेरी चेतना में बरकरार है।

डॉ देवी प्रसाद द्विवेदी

पद्मभूषण,आचार्यरत्ना, छत्रपति शिवाजी सम्मान, काशी गौरव अलंकरण, वेद पंडित पुरस्कर

सत्र 75-76 में मैं स्नातक में अध्यन के लिये इस महाविद्यालय में नियमित छात्र के रूप में प्रवेश लिया संस्कृत ,हिंदी ,समाज शास्त्र , विषय के साथ एन.सी.सी. कडेट के रूप में प्रतिदिन विद्यालय में आता था। उस समय विद्यालय छोटे स्वरूप में था वर्तमान में विद्यालय ने बड़ा एव साधक स्वरूप ले लिया है पढाई की दृस्टि से उस समय इस विद्यालय में स्नातक कक्षा तक पढ़ाई होती थी आज स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई उच्च कोटि के विद्द्वानों द्वारा अध्ययन एव अध्यापन चल रहा है। विद्यालय एक साधक स्वरूप ले लिया है ये सब का श्रय प्रो सत्यदेव सिंह को जाता है  प्रो सिंह बुद्धिमई प्रतिमा के साथ एक महा पुरुष है वाराणसी का यह दयानन्द महा विद्यालय उच्चकोटि का शिक्षण संस्थान है।

From Our Alumni